Linux क्या होता है – जानिये Linux की पूरी जानकारी!

आज की पोस्ट में हम जानेंगे Linux क्या होता है| आज की इस पोस्ट में हम आपको Linux की पूरी जानकारी देने वाले है| इसलिए आप लोग इस पोस्ट को पूरा पढ़े ताके आपको भी Linux के बारे में पूरी जानकारी हो जाये| तो चलिए आगे बढ़ते है और जानते है Linux क्या होता है| आप हमे निचे तक फॉलो करे और इस पोस्ट को पूरा पढ़े|

Linux क्या है और यह कैसे काम करता है इस बारे में आपके मन में पहले भी कई सवाल उठे होंगे Linux बारे में आपने पहले भी सोचा होगा जैसे Linux को कैसे इनस्टॉल करें इसको कैसे इस्तेमाल करें आदि तो अगर आप इन सभी सवालों के जवाब जानना चाहते हैं तो इस पोस्ट को आगे तक पढ़े इसमें हम इसी बारे में जानेंगे की linux operating system क्या है और इसे हम कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन इससे पहले की हम Linux के बारे में जाने हमें यह पता होना चाहिए की OS यानी operating system क्या है आज मैं इस पोस्ट में आपलोग को पूरी जानकारी देने वाले है|

Linux भी Windows की तरह ही Computer का एक ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसे 1991 में रिलीज़ किया गया था और आज यह पूरी तरह फ्री में उपलब्ध है। Linux को आमतौर पर सभी Devices में इस्तेमाल किया जा रहा है साथ ही ये पूरे Internet Server में भी उपयोग में लाए जा रहे है और ये पूरी तरह से सुरक्षित और Error Free होने के कारण इसका बहुत अधिक इस्तेमाल हो रहा है।

Linux Kya Hota Hai

Linux क्या है ?

Linux Windows की तरह ही एक Operating System है जो Computer को ठीक से चलाने में मदद करता है। यह एक Open Source Software है इसे आप बिल्कुल Free में इस्तेमाल कर सकते है इंटरनेट पर इसकी Source Code भी Free में मिल जाती है| Linux के कई तरह के Distribution मार्केट में उपलब्ध है इन्हे शार्ट में डिस्ट्रो भी कहा जाता है यह एक Open Source होने के कारण इसके कई डिस्ट्रो मार्केट में उपलब्ध है लेकिन इसमें सबसे Popular डिस्ट्रो Ubuntu है यह सरल और अच्छा डिस्ट्रो है यह बिल्कुल Free में उपलब्ध है इसे आप इसकी Official साइट से डाउनलोड कर सकते है।

Linux एक Open Source होने के कारण इसका Source Code सभी के लिए Open रहता है इसे कोई भी अपने हिसाब से बदल सकता है। दुनिया में जितने भी Open Source Software है उन्हें Developer अपने हिसाब से Modify करते रहते है|

operating system क्या है

Operating System जिसे Hindi में प्रचालन तंत्र भी कहते है Operating System सॉफ्टवेयर होता है जो कंप्यूटर और user के बीच में एक interface का काम करता है हम अपने कंप्यूटर को आदेश Operating System के जरिये ही दे पाते है यह पूरे कंप्यूटर का संचालन करता है। Operating System के बिना कंप्यूटर को इस्तेमाल नहीं किया जा सकता अगर आपको किसी कंप्यूटर से कोई काम करवाना है तो उसमे operating system का होना बहुत जरूरी होता है। इसके बिना कंप्यूटर में दुसरे सॉफ्टवेयर भी इनस्टॉल नहीं किये जा सकते क्यूंकि operating system ही दुसरे सॉफ्टवेयर के आदेशो और जानकारी को उपर्युक्त या जरूरी हार्डवेयर के पास पहुचाता है अगर किसी कंप्यूटर में Operating System ना हो तो उसे चालु नहीं किया जा सकता।

Linux Full Form

बहुत से लोग है जो ये सोचते है की हर चीज का कोई न कोई Full Form तो होता है वैसे ही Linux का भी Full Form होगा, लेकिन हम आपकी जानकारी के लिए बता दे की Linux का कोई Full Form नहीं होता है, Linux एक प्रकार का Open Source Software है।

Linux Kernel क्या होता है ?

Linux Kernel एक ऐसा Operating System Program है जो Computer के संसाधनों को Control करके उसका सही इस्तेमाल User से करवाता है किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम को बनाते समय सबसे पहले उसका Kernel ही बनाया जाता है इसे Operating System का सबसे निचला भाग भी कहा जाता है।

Open-source क्या है ?

Open-source का मतलब होता है की आप उपर्युक्त सॉफ्टवेयर के कोड को बदल कर अपने हिसाब से Modify कर सकते हैं कहने का मतलब यह है की open-source सॉफ्टवेयर का source कोड सबके लिए ओपन रहता है इसे जो चाहे अपने हिसाब से Modify कर सकता है या बदल सकता है। इसमें आपको कोई दिक्कत नहीं होती। दुनिया में जितने भी open-source सॉफ्टवेयर है उन सभी को इसी तरह दुनिया भर के Devloper सुधारते रहते हैं जिससे ये और भी रिलाएबल हो जाते हैं।

Linux में क्या क्या Features होते है|

Portable – Portablity से मतलब है, कि यह किसी विशेष Computer Hardware से ही संबंधित नहीं है बल्कि यह किसी भी प्रकार के Computer पर चलाया जा सकता है। सभी Hardware Platform, Linux Kernel और Application Programs को Support भी करता है।

Multiuser – Linux एक Multi-user System है Multi-user एक ही समय में इसके सभी System Resources को स्तेमाल कर सकता है|

Network Information Service – Linux विशेष रूप से Networking के कार्य करने के लिए बनाया गया है जब कई सारे Computer को जोड़ कर एक जाल रूपी संरचना बनाई जाती है जिसे Networking कहते है। Linux के द्वारा हम Password Share कर सकते है और Files को समूह में बाँट कर Network पर उपयोग में भी आसानी से ला सकते है।

Security Features – Linux User को बहुत सारे अच्छे Security Features भी प्रदान करता है जैसे Password Protection, Specific Files, Data Encryption आदि।

Virtual Memory – यदि हम किसी Program को Run करते है तो कुछ फिजिकल Memory की आवश्यकता होती है जिसे हम Hard Disk में रखते है ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसको हम उपयोग में ला सके।

Linux Operating System VS Windows

वैसे तो हमें इन दोनों ऑपरेटिंग सिस्टम्स को Compare नहीं करना चाहिए क्यूंकि दोनों अपनी अपनी जगह ठीक ही हैं लेकिन कुछ चीज़े हमें जाननी जरूरी है तो आइये निचे जानते है।

Linux एक फ्री ऑपरेटिंग सिस्टम है तथा विंडोज के लिए आपको पैसे देने पड़ते हैं।

Linux एक ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम है जबकि विंडोज एक क्लोज्ड सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम है इसका सोर्स कोड सबके लिए उपलब्ध नहीं है।

Linux के मार्किट में कई सारे डिस्ट्रो उपलब्ध है जिसमे से आप अपनी जरूरत के हिसाब से चुन सकते हैं। विंडोज का मार्किट में एक ही रूप उपलब्ध है।

Linux सुरक्षा की अच्छी सुविधा उपलब्ध कराता है जैसे Password Protection या Encryption Features को उपयोग करने वाला व्यक्ति ही उसमे Changes कर सकता है कोई और व्यक्ति उसमे कोई Changes नहीं कर सकता है।

Linux Operating System वायरस से पूरी तरह से Safe है जबकि दूसरे Window पर काम करने के लिए हमे एंटी-वायरस की जरूरत होती है क्योंकि इसमें वायरस बहुत जल्दी आ जाते है Linux में ऐसा नहीं होता है क्योंकिLinux का प्रयोग करने वाला इसके मुख्य भाग Kernel तक नहीं जा सकता है।

Linux किसी भी हार्डवेयर पर चल जाता है लेकिन विंडोज को थोडी अधिक मेमोरी चाहिए होती है।

Multi-User

Linux एक multi यूजर और multi प्रोग्रामिंग ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसमे एक साथ एक से ज्यादा यूजर को कंप्यूटर के हार्डवेयर को एक्सेस कर सकते हैं और इस्तेमाल कर सकते हैं।

Free

Linux एक दम फ्री ऑपरेटिंग सिस्टम है और यह GNU लिनक्स के तहत सबके लिए बिलकुल फ्री में उपलब्ध है इसको आप एक दम फ्री में डाउनलोड कर सकते है और इस्तेमाल कर सकते हैं।

Multi -Tasking

Multi-Tasking का मतलब है की एक यूजर मल्टीप्ल प्रोग्राम्स, टास्क या सॉफ्टवेर को इस्तेमाल कर सकता है।

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उम्मीद है की आपलोग को Linux के बारे में पूरी जानकारी समझ में आ गया होगा अगर आपको फिर भी कोई कठिनाई हो तो आप हमे कमेंट बॉक्स में आप हमसे पूछ सकते है| आपको ये मेरा पोस्ट अच्छा लगा होतो आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों में शेयर कर दे|

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